Godawari Power Share Price क्यों इतना गिर रहा है ? जानिए गोदावरी पावर शेयर में गिरावट के असली वजह

नमस्कार दोस्तों, आज हम जानेंगे Godawari Power Share Price क्यों इतना गिर रहा है और क्या है गोदावरी शेयर प्राइस में गिरावट के असली वजह ? पिछले कई महीनो से लगातार स्टॉक में गिरावट देखने को मिल रही है। और यह गिरावट अभी तक रुकने का नाम नहीं ले रही है। ज्यादातर स्टॉक्स की प्राइस बहुत गिर चुकी है। Godawari Power Ispat Share Price में गिरावट का असली बजह जानने की कोशिस करेंगे।

Godawari Power Share Price क्यों इतना गिर रहा है

अगर बात करे गोदावरी पावर एंड इस्पात कंपनी की शेयर की तो इस कंपनी का शेयर प्राइस अपने के करीब आ पहुंची है। गोदावरी पावर शेयर की है रूपये जो की मार्किट क्रैश से पहले बानी थी। लेकिन अब गोदावरी पावर शेयर की कीमत अपने शुरुवाती लेवल पर आ चुकी है। अभी के समय Godawari Power & Ispat Ltd. कंपनी के शेयर प्राइस 260 – 280 रूपये के बिच में ट्रेड कर रहा है। जो की गोदावरी पावर कंपनी के शेयर होल्डर्स के लिए बहुत ही बूरी खबर है।

Godawari Power Share Price क्यों इतना गिर रहा है ?

Dr. Doom के मुताबिक यूएस मार्केट 50% क्रैश हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो इंडियन मार्केट भी 50% या फिर उससे भी ज्यादा क्रैश हो सकता है। और अगर इंडियन मार्केट क्रैश हुआ इससे आपका इन्वेस्टमेंट भी आधा हो सकता है और इसका एक बहुत नेगेटिव प्रभाव आपके पोर्टफोलियो में पर सकता है।

इसके अलावा Dr. Doom ने जैसा कहा है अगर वैसा ही हुआ तो इंडियन इकोनामी में भी इसका बहुत नेगेटिव प्रभाव होगा। यह सब बताने के पीछे का मकसद आप को डराना नहीं है लेकिन हम चाहते हैं कम से कम आप जाने की Stagflation Debt Crisis क्या होता है और इसका सबसे बुरा असर क्या हो सकता है ? तो चलिए जानते हैं इस Stagflation Debt Crisis के बारे में।

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Why Godawari Power share price falling ?

स्टैगफ्लेशन टर्म को ब्रिटिश पॉलिटिशन लेन मैक्लॉयड ने पहली बार अपने घर पर तब इस्तेमाल किया था जब वह स्टैग्नेशन और इन्फ्लेशन दोनों के बारे में एक साथ बात कर रहे थे। और इन्हीं 2 टम्स को मिलाकर स्टैगफ्लेशन धर्म बनता है। स्टैगफ्लेशन का मतलब है ऐसी एक परिस्थिति जहां इकोनामी रुक गई है यानी या तो Economy Grow कर ही नहीं रही है और अगर Grow कर रही है तो बहुत स्लो Gow कर रही हैं।

और अगर इसके साथ ही Unemployment या बेरोजगारी बढ़ती है तो यह स्टैग्नेशन होता है। क्योंकि एक तो इकोनामी रुकी हुई है और दूसरा युथ बेरोजगार है। तो उनके पास पैसे नहीं है खर्च करने के लिए जिससे वह बहुत कम खर्च करते हैं और अगर खर्च कम होगा तो इकोनामी में पैसा कम आएगा और पैसा कम आएगा तो इकोनामिक ग्रोथ मुश्किल हो जाती है। इकोनामिक ग्रोथ ना होना भी स्टॉक के प्राइस में गिरावट का कारण बन जाता है।

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