शेयर मार्किट क्या है हिंदी में बताएं | Share Market Kya Hai full Analysis in Hindi |

शेयर मार्किट क्या है हिंदी में बताएं ? आज इसी की बारे में पूरी जानकारी हासिल करेंगे। कहते हैं की अगर बेस अच्छा हो तो बिल्डिंग अछि बनती है. नमस्कार दोस्तों, मै आगया हूँ आपकी स्टॉक मार्केटिंग बेस को स्ट्रांग (STRONG) करने, ता की आप इतना पैसा कमा सके की आपकी खुद्की बहुत सारि बिल्डिंग खड़ी हो जाये.आज इस ब्लॉग पर स्टॉक मार्किट बेसिक के बारे में चर्चा करेंगे.

बिगिनर्स को शेयर मार्किट के नाम सुनते ही डर लगता है. फिल्मों में देखा है शेयर बाजार से सबकुछ बर्बाद हो जाता है. लेकिन, दोस्त है जो कि क्लेम करते है वह बहुत पैसा कमा रहे हैं. फिर भी आपके परिवार वाले है जो कहते है शेयर बाजार से दूर रहो. स्कूल, कॉलेज में अगर आप कॉमर्स लेके परते है फिर भी वहां शेयर मार्किट के बारे में कुछ नहीं सिखाते हैं.

 

ऐसे में, गलतफैमी होना घबराहट होना बहुत लाज़मी है.लेकिन आज इस वेबसाइट पे ब्लॉग पड़ने के बाद आपके सारे गलतफैमी दूर हो जायेंगे और आपका कॉन्फिडेंस लेवल भी हाई हो जायेगा। शेयर बाजार क्या है ? हमारी पूरी कोशिस रहेगी आपको समझाने की।  साथ ही आपको यह भी पता चल जायेगा कि कहाँ और कब निबेश करना है। और कैसे लाभ उठाना है शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करके।

शेयर मार्किट के बारे जानने से पहले इसके कुछ अमेजिंग फैक्ट के बारे में जान लेते हैं जिससे आपका इंटरेस्ट और भी बड़ जायेगा. अगर 40 साल पहले विप्रो (WIPRO LTD.) पे आप या आपकी फॅमिली में से कोई 10000 रुपै निबेश करते तो 40 साल बाद वह 700 करोड़ बन जाते. मुझे पता है, आपके मन में सवाल आता होगा तब किस के पास 10000 होते थे ?

पर 1000 तो थे, वह भी 70 करोड़ होते, 100 रूपए लगते तो फिर भी 7 करोड़ हो जाते. ये POTENTIAL है शेयर बाजार का। शेयर मार्किट में जैसे फ़ायदा है वैसे नुक्सान भी है. कुछ ऐसे स्टॉक भी है, जिसपे आप अगर 700 करोड़ लगते वह आज सिर्फ 700 रूपए ही लौटाते. यह बात तो पक्की है शेयर मार्किट जितना फ़ायदा करा सकता है उतना नुकसान भी करा सकता है।

शेयर मार्केट में कम से कम नुकसान हो और ज्यादा से ज्यादा फ़ायदा हो उसी के बारे में आज आपको सबको बताने वाला हूँ।

चलिए आज हम बता देता हूँ, कोनसे वह सवाल है जो बिगिनर्स को होते हैं शायद आपको भी होंगे. उन सारे सवाल को आज मैं कवर करने जा रहा हूँ।
पहला टॉपिक हम डिस्कस करेंगे –

Is share market Risky?

अब मैं यह आपसे पूछता हूँ बेसिक एक्साम्प्ले के जरिये। बसीकली,  कोई शेयर खरीद रहे है तब उस कंपनी में छोटे से ही सही आप कुछ हिस्सेदारी खरीद रहे है, इसीलिए उसका नाम शेयर है.  इससे होता क्या है, आप उस कम्पनी का को owner बन जाते हैं.

अगर आप किसी दोस्त के बिज़नेस में पैसा लगाते हैं या किसी रिलेटिव के बिज़नेस में पैसा डालते हैं FUTURE में बिज़नेस नहीं चला तो आपके पैसे डूबेंगे, यानि के रिस्क तो है।  कोई भी कंपनी के शेयर में आप पैसे लगाते हो जैसे TATA,बिरला, ADANI इन कम्पनी में अगर बहुत बड़िया GROWTH हो और PROFIT भी अच्छी कमा रही है तो आपके पैसे भी उतनी तेज़ी से बड़ जाएगी। अगर कम्पनी का बहुत बड़ा नुक्सान हो तो आपके पैसे भी डूब सकते है। साधारण बिज़नेस में हम क्या सोच के आते हैं अगर बिज़नेस चला तो मुनाफे का एक हिस्सा हमको मिलेगा अगर बिज़नेस दुब गया तो हमे वह नुकसान सहना पड़ेगा।

बिज़नेस में कोई ब्याज नहीं मिलता, शेयर मार्किट में भी कोई ब्याज नहीं मिलता है। क्यों की शेयर बाजार कोई लोन सेक्टर नहीं है। बहुत सारि ऐसी कम्पनी है जो डूबती रहती है और इन कम्पनी में अपने गलती से भी पैसा लगाया तो समझ लीजिये आपका पैसा डूबेगा ही डूबेगा।  सिधि सी बात है आपके निबेश किये हुए पैसे तभी बाड़ेंगे जब कम्पनी की अच्छी भली मुनाफा हो रही हो. नहीं तो बहुत बड़ा नुकसान आपको झेलना पड़ेगा।

अब हम बात करेंगे कुछ ऐसी कम्पनी के बारे में जिन्होंने अपने प्रोडक्ट की सेल्ल कई गुना बड़ा दिया जिससे कम्पनी 10 सालो में बहुत ज्यादा GROWTH दिखाई जिससे कम्पनी का मुनाफा भी 10 गुना बड़ गया।  जैसे EICHER, WIPRO इन कंपनियों ने लोगो के पैसे को 10 गुना तक बड़ा दिया। शेयर मार्केट रिसकी है, अगर आपके पास STOCK MARKET के बारे में सही ज्ञान न हो।

शेयर बाजार के नियम – Rules in Share Market

बिज़नेस एक ऐसी प्लेटफार्म है जहाँ मुनाफा और नुकसान दोनों चीज़े एक दूसरे से जुड़े रहते हैं। अगर आप अपनी खुदकी बिज़नेस की सुरुवात करते हैं तो उससे साल भर में 10% – 20% तक या उससे कई ज्यादा मुनाफे हो सकते हैं। या फिर इसका उल्टा भी हो सकता है, आपको मुनाफे की जगह 10% – 20% का नुकसान भी झेलना पड़ सकता है।
शेयर बाजार में भी कुछ ऐसे स्टॉक है जो की साल भर में 1% -2% तक का return देती है।  ऐसे स्टॉक बहुत धीरे से बढ़ते है।  अगर इन  स्टॉक्स में अपने निबेश करते हैं तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं।  शेयर मार्किट में अच्छा स्टॉक में निबेश करना ही फायदेमन रहता है।  क्यूंकि इसमें रिस्क भी कम होता है और तगड़ा मुनाफा आराम से मिल जाता है।  इंडिया जैसी डेवेलोपमेंट देश में अच्छे स्टॉक्स से आप 15% – 20% तक का RETURN मिलने की भरोसा जरूर कर सकते हैं।
कुछ ऐसे भी देश है जहाँ GROWTH उतना है नहीं फिर भी लोग 30% का RETURN ले लेते हैं लेते हैं। यह सारि चीज़े निर्भर करता है की अपने अच्छे स्टॉक्स चुने है या फिर बिना ग्रोथ बाली बेकार स्टॉक्स।  तो ध्यान रखे शेयर मारकेट में निबेश से पहले स्टॉक्स के बारे में पूरी जानकारी पहले ही पता करले।

शेयर मार्किट क्या है हिंदी में बताएं

How Much Money Should I Invest in Share Market?

स्टॉक मार्केट में आप कितना पूजी लगा रहे हैं उससे ज्यादा जरुरी है आप कैसे शेयर में निबेश कर रहे हो जो कितना CONSISTENT RETURN दे रही है।  एक उदाहरण आपको देता हूँ, अगर 1000 रुपए महीने से शुरुआत करे जो की हर कोई आसानी से कर सकता है। इसी 1000 रूपये को हर साल आप 15% से बढ़ाते रहे। तो पहले साल आपका निबेश होगा 12000 रूपये। अगले साल से अगर आप 15% बढ़ाएंगे तो हर महीने आप 1150 रूपये इन्वेस्ट करेंगे।  इस हिसाब से साल के 1150*12 = 13800 रूपये।
इसी तरह से हर साल अपने इनवेस्टमेंट को 15% से बढाते रहना है। जैसे जैसे आपकी इनकम बढ़ेगी या आपका नौकरी में प्रमोशन होगी आप उस हिसाब से निबेश करते जाना है।  आपके निबेश राशि में सिर्फ 15% का RETURN,  18% या 20% नहीं, फिर भी 1000 रूपये से शुरुआत करके 25 साल बाद आपके पास 1 करोड़ रूपये होंगे। इसमें सीक्रेट क्या है, आपको 25 सालों तक निबेश करते रहना है और MONTHLY INVESTMENT को 15% से बड़ाते रहना है।  और आखिर में 15% का RETURN आना चाहिए। अच्छे शेयर बहुत ही बड़िया रिटर्न देंगे – यह शेयर बाजार का नियम है।

शेयर मार्किट का नियम क्या है – What is the Process in Share Market ?

शेयर मार्किट में घुसने से पहले आपको जानना होगा इसका पूरा प्रोसेस।  प्रोसेस बहुत सिंपल है आपको सिर्फ ३ डाक्यूमेंट्स चाहिए  आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट होना ही चाहिए।  उसके बाद आजकल सारा प्रोसेस ऑनलाइन हो चूका है।  बहुत सरे ऑनलाइन डिस्काउंट ब्रोकर है, डिस्काउंट ब्रोकर मतलब जिनका ब्रोकरेज ना के बराबर रहता है।
UPSTOX  जैसे ब्रोकर प्लेटफार्म पे आप अपना डीमैट अकाउंट बना सकते है।  3 दिन के अंदर आपका अकाउंट बन जायेगा। UPSOX ब्रोकर शुरुवाती निबेशको के लिए बहुत ही अच्छा है।

शेयर मार्किट का नाम ख़राब क्यों है  – Why Share Market has a Bad name ?

अगर सब कुछ अच्छा है तो फिर शेयर मार्किट का नाम इतना ख़राब क्यों है ? क्यों लोग इससे डरते हैं। लोगो के मन में इतना नेगेटिव सोच क्यों है ?
यह हमारे MIND सेट का प्रॉब्लम जब हम कोई प्रॉपर्टी खरीदते है तब कोई सोचता है की 4 महीने में प्रॉपर्टी का दाम दुगना हो जायेगा और प्रॉपर्टी बेचके अच्छे मुनाफा कमा लेंगे।  अगर कोई सोना खरीदता है अपने पुस्तों के लिए रख देते है कभी बेचते नहीं हैं।  हम प्रॉपर्टी का दाम बढ़ने में समय देते हैं और शेयर मार्किट की बात जहाँ आती है समय का सोच हमारे दिमाग से निकल जाता है।
अगर कोई दोस्त या आपका कोई रिलेटिव आपको शेयर बाजार में ले आता है वह कहेगा 1 दिन में उसने 40000 रूपये कमाए, 1 महीने में उनका पैसा डबल हो गया।  तो लोग उम्मीद लगाए बैठ जाते हैं उनका पैसा भी कुछ ही दिनों में डबल या उससे ज्यादा हो जायेगा। रातो रात आमिर बनने के सपने लेकर आ जातें हैं। और ऐसा ना हो तो पछताते हैं।
शेयर बाजार को जुआ जैसा खेलेंगे, कम्पनी का शेयर खरीदने जा रहे हैं, कम्पनी का बिज़नेस मॉडल क्या है, उसका मैनेजर कौन है, कम्पनी का प्रोडक्ट कैसा है ? अगर यह सब आपको पता नहीं है सिर्फ कोई  देखके या किसी  कहने पर स्टॉक खरीदेंगे तो नुकसान तो होगाही।  शेयर मार्किट में आना है तो रातो रात आमिर बनने का ख्वाब  देना चाहिए। अगर आप ज्यादा समय के लिए शेयर या स्टॉक्स में निबेश करेंगे तभी आपको 18% – 20% RETURN मिलने की उम्मीद रहेगी। ज्यादातर नए इन्वेस्टर्स कंपनी के स्टॉक्स की पूरी जानकारी लिए बिना ही शेयर में इन्वेस्ट करते हैं और जब वह शेयर अच्छा रिटर्न नहीं देता तब सारा कसूर शेयर मार्किट को देते हैं। ऐसे कई कारन है जिससे शेयर मार्किट का नाम ख़राब हो रखा है।

Is Commerce Background important in Market ?

शेयर मार्किट में प्रबेश करने के लिए कॉमर्स बैकग्राउंड का होना आबश्यक नहीं है।  आपका स्ट्रीम कौनसा है और आपका एजुकेशन बैकग्राउंड क्या शेयर बाजार में इसका कोई असर नहीं पड़ता।  उदाहरण के जरिये आप लोगो को समझाता हूँ ।
एकबार उस में एक सर्वे हुआ  10 साल के बच्चे को जो 5th स्टैंडर्ड में था उसको 10 – 12 स्टॉक्स पसंद करने के लिए कहा गया।   साथ ही उसी समय चार्टर्ड अकाउंट को भी बोला गया अपने हिसाब से स्टॉक्स चुनने के लिए। यहाँ सभी लोग सोच रहे थे कहाँ चार्टर्ड अकाउंट और कहाँ छोटे बच्चे।  5 साल बाद जब देखा गया की किसके स्टॉक्स ने सबसे जयादा RETURN दिया है, तो बच्चो के स्टॉक्स में ज्यादा RETURN थे। तुलना में चार्टर्ड अकाउंट की स्टॉक्स ने उतना RETURN नहीं दे पाया था।
असल में बचो ने ऐसा स्टॉक चुने थे जिसमे उसको बिस्वास था की यह वाले स्टॉक्स ज्यादा तेज़ी से बढ़ेंगे। क्यूंकि वह उन स्टॉक्स की रेगुलर कस्टमर थे। इस घटना से आपको पता चल गया होगा की कॉमर्स एजुकेशन का ज्ञान आपके पास न भी हो तो कोई दिक्कत नहीं। आप कहीं से भी जैसे वेबसाइट, किताबें और यूट्यूब से भी शेयर मार्किट के बारे में जान सकेंगे।

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